
Motivational Story (Ret aur Sunhari Ghadi )
एक शहर में आर्यन नाम का एक बहुत ही प्रतिभाशाली चित्रकार रहता था। वह अपनी कला में इतना माहिर था कि लोग उसकी पेंटिंग्स के लिए महीनों इंतज़ार करते थे। लेकिन आर्यन के साथ एक बड़ी समस्या थी—वह ‘कल’ पर जीने वाला इंसान था।
जब भी कोई उसे बड़ा प्रोजेक्ट देता, वह कहता, “अभी तो बहुत वक्त है, आराम से बनाऊंगा।” वह अपना दिन फालतू की चर्चाओं और नींद में बिता देता।
एक बड़ा मौका
एक दिन, शहर के सबसे अमीर व्यापारी ने उसे बुलाया और कहा, “आर्यन, मैं तुम्हें अपनी हवेली की मुख्य दीवार पर एक विशाल चित्र बनाने का मौका देना चाहता हूँ। तुम्हारे पास 30 दिन हैं। अगर काम पूरा हुआ, तो तुम्हें इतना सोना मिलेगा कि तुम्हारी आने वाली सात पीढ़ियाँ ऐश करेंगी। लेकिन अगर एक दिन भी देरी हुई, तो तुम्हें शहर छोड़कर जाना होगा।”
आर्यन खुश हो गया। उसने सोचा, “30 दिन? यह तो बहुत समय है!”
समय की फिसलन
पहले 10 दिन: आर्यन ने सोचा कि अभी तो बहुत वक्त है, पहले थोडा घूम-फिर लिया जाए।
अगले 10 दिन: उसने कुछ स्केच बनाए और फिर दोस्तों के साथ पार्टी करने में समय निकाल दिया।
25वें दिन: उसे अचानक होश आया कि सिर्फ 5 दिन बचे हैं। उसने काम शुरू किया, लेकिन हड़बड़ी में ब्रश सही नहीं चल रहा था।
आखिरी रात, आर्यन पागलों की तरह पेंटिंग पूरी करने की कोशिश कर रहा था। उसकी आँखें थक चुकी थीं, हाथ कांप रहे थे। जैसे ही सूरज की पहली किरण खिड़की से अंदर आई, व्यापारी वहां पहुँच गया। पेंटिंग अधूरी थी।
जीवन का सबक
व्यापारी ने शांति से कहा, “आर्यन, तुम्हें जिंदगी बदलने के लिए पूरे 30 दिन मिले थे, लेकिन तुमने उन दिनों को बदलने की कोशिश नहीं की। अब तुम्हारे पास वो 30 दिन दोबारा कभी नहीं आएंगे।”
आर्यन को समझ आ गया कि उसने क्या खोया है। वह पैसा नहीं खोया था, बल्कि उसने वह ‘वक्त’ खो दिया था जो उसे एक महान कलाकार बना सकता था।
इस कहानी से हमें क्या मिलता है?
वक्त का इंतज़ार न करें: वक्त कभी ‘सही’ नहीं होता, उसे सही बनाना पड़ता है।
अनुशासन ही चाबी है: टालमटोल करना सबसे बड़ा दुश्मन है।
आज ही सब कुछ है: जो आप आज कर सकते हैं, उसे कल के भरोसे छोड़ना अपनी सफलता को दांव पर लगाना है।
”जिंदगी को बदलने के लिए एक पल ही काफी है, बशर्ते आप उस पल को सही समय पर पहचान लें।”