
Finding Inner Peace: Kathmandu Wraps Up Meditation Sessions with Sanjiv Malik

काठमांडू, 14 फरवरी: वैलेंटाइन डे के मौके कोईपर जहाँ पूरी दुनिया बाहरी प्रेम का जश्न मना रही थी, वहीं काठमांडू के रॉयल मैजेस्टिक बैंक्वेट में सैकड़ों लोगों ने “स्वयं से प्रेम” और “आंतरिक शांति” की एक नई राह चुनी।
लाइफ कोच संजीव मलिक जी के सान्निध्य में आयोजित इस एक-दिवसीय मेडिटेशन प्रोग्राम ने शहर के लोगों को तनाव-मुक्त जीवन जीने की एक नई दिशा दिखाई।
यह कार्यक्रम सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला, जिसमें लोगों ने पूरे दिन ध्यान और आध्यात्म की गहराइयों का अनुभव किया। इस शिविर में लगभग 200 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग शामिल हुए।
संजीव मलिक जी की सरल और प्रभावशाली तकनीकों की वजह से लोगों ने “डीप रिलैक्सेशन” और “दिव्य शांति” का अनुभव किया।
संजीव मलिक जी का मार्गदर्शन
लाइफ कोच संजीव मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में ध्यान (Meditation) कोई विलासिता (Luxury) नहीं, बल्कि एक ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि कैसे हम अपने मन को नियंत्रित करके जीवन की कठिनाइयों का सामना मुस्कुराहट के साथ कर सकते हैं।
“ध्यान वो सीढ़ी है जो आपको आपके भीतर बसे अनंत सुकून से मिलता जोड़ती है।” — संजीव मलिक
सहभागियों की प्रतिक्रिया
प्रोग्राम के अंत में कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने इसे “जीवन बदलने वाला पल” बताया, तो कुछ ने कहा कि उन्हें कई दिनों बाद इतनी गहरी शांति महसूस हुई है। 200 से ज्यादा लोगों की उपस्थिति और उनके चेहरे की मुस्कान इस बात का सबूत थी कि प्रोग्राम बेहद सफल रहा।












































































